मैं सोचता हूँ कि हर किसी को अपनी बात कहने और उसपर कायम रहने का पूरा अधिकार है.....लेकिन बार बार पाला बदलने वाले के लिए भी कोई विधान होना चाहिए...एक अरब की जनसँख्या है हमारी.,पढ़े लिखे हुए कई योग्य मनुष्य बेरोजगारी को बहुमत दिला रहे हैं......शायद जिन्हें सबसे उपयुक्त समझती है सरकार,उनसे हमेशा काम में चूक होती ही रहती है..यदि तमाम गलतियों से भरा हुआ तंत्र इतने सालों में खड़ा करना था तो फिर हर बार चयन प्रक्रिया का तामझाम क्यूँ?
अच्छा होता कि हर परिवार को क्रमानुसार कुछ अंतराल पे आर्थिक मदद दे दी जाती...देश तो वैसे भी अभी तक भगवन भरोसे ही चाल रहा है........यहाँ तो कम से कम गुणवत्ता से समझौता नही होता...यूँ भी अनुकम्पा भी कोई चीज होती है सरकार की.....
सदविचार तो बस पत्र पत्रिकाओं में देख कर दिल ठंडा करने की चीज बन कर रह गयी है.....
वैसे जनादेश में भी बड़ी ताकत होती है...वरना अभी तक सभी जग चुके होते।
वैसे आराम करना सब को अच्छा लगता है,मुझे भी...
वही कर भी रहा हूँ...
मेरे अभी तक के ज्ञान के अनुसार स्वार्थ का परचम सबसे ज्यादा राजतंत्र में लहराता है...लेकिन जनतंत्र के साथ तो जनता की स्वीकृति भी मिलने लगी है......
शायद आप इमानदारी से आयकर दे देते होंगे...गर्व का भाव...देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव...अपने दिल में लिए.....देश के लिए कुछ करने के लिए...और तभी आपको पता चलता है कि आपकी ही नही..आप जैसे हजारो देशवासियों के जमा किये कर का खर्च ऐसे दरिन्दे की आवभगत में किया जा रहा है.....जिसे जिन्दा देख कर सबकी सहादत पे अफ़सोस होता है.....अरे महापुरुषों कुछ ऐसा करो कि जो देश के लिए मर मिटने को तैयार हैं,उनकी जिंदगी बची रहे.......जो हमें मौत की नींद सुलाने आये थे उन्हें नयी जिंदगी देकर देश पर कोई एहसान नही हो रहा।
2 comments:
Very well said. Dt's why d peoples like S.P.S Rathore manager to manipulate d truth and are far from d so called justice of our really democratic country. Well, in our democratic country, there are 75 percent peoples who either dont know what they should do or dont want to know what to do, why to indulge in such things. Dt's why they r easily manipulated or monitored by the rest of 25 percent. There is a need to label up this difference. But who cares... As you wrote very well dt we all like to rest.
ayush
in fact,ur comments inspires me to write blogs,or else i would have created a chaos of my thoughts.
thanks for being updated.
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